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Janmashtami Vrat Recipes: Sabudana, Kuttu & Singhara Recipes

Karan Bairagi

Karan Bairagi

जन्माष्टमी सेवा

25 अगस्त 202610 मिनट का पठन
Janmashtami Vrat Recipes: Sabudana, Kuttu & Singhara Recipes

जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले कई भक्त आमतौर पर केवल साबूदाना खिचड़ी ही बनाते हैं। हालांकि, व्रत में खाने के लिए साबूदाने के अलावा भी कई स्वादिष्ट और पौष्टिक रेसिपी बनाई जा सकती हैं। ये रेसिपी आसान हैं और इनमें इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर सामग्री घर पर आसानी से मिल जाती है।

इस लेख में हम जन्माष्टमी व्रत की कुछ आसान रेसिपी जानेंगे, जिन्हें आप घर पर बनाकर व्रत के दौरान खा सकते हैं।

जन्माष्टमी व्रत के लिए सिंघाड़े की रेसिपी

जन्माष्टमी व्रत में सिंघाड़े के आटे से कई तरह की रेसिपी बनाई जा सकती हैं। यहां कुछ आसान रेसिपी दी गई हैं, जिन्हें आप घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं।

1. सिंघाड़े के आटे का हलवा

सामग्री: 1 कप सिंघाड़े का आटा, 3 बड़े चम्मच घी, 2 कप पानी या दूध, ½ कप चीनी या गुड़, ¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम-काजू।

विधि:

  1. मोटे तले वाली कड़ाही में धीमी आंच पर घी गर्म करें।
  2. सिंघाड़े का आटा डालकर लगातार चलाते हुए 8–10 मिनट तक भूनें। जब आटा हल्का सुनहरा हो जाए और अच्छी खुशबू आने लगे, तब यह अच्छी तरह भुन गया है।
  3. दूसरे बर्तन में पानी या दूध को हल्का गर्म करें।
  4. आंच धीमी रखें और गर्म पानी या दूध को धीरे-धीरे आटे में डालें। साथ-साथ चलाते रहें ताकि गांठ न बने।
  5. मिश्रण को 3–4 मिनट तक चलाते हुए पकाएं, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।
  6. चीनी या गुड़ और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। 2–3 मिनट और पकाएं।
  7. आंच बंद करें, ऊपर से कटे हुए मेवे डालें और गर्मागर्म परोसें।

2. सिंघाड़े की पूरी

सामग्री: 1 कप सिंघाड़े का आटा, 1 उबला और मसला हुआ आलू, स्वादानुसार सेंधा नमक, जरूरत के अनुसार पानी और तलने के लिए तेल।

विधि:

  1. एक बर्तन में सिंघाड़े का आटा, मसला हुआ आलू और सेंधा नमक मिलाएं।
  2. थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त और चिकना आटा गूंथ लें। आलू से ही काफी नमी मिल जाती है, इसलिए पानी कम डालें।
  3. आटे को ढककर 10 मिनट के लिए रख दें।
  4. आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें।
  5. हर लोई को दो प्लास्टिक शीट या चिकने बेकिंग पेपर के बीच रखकर धीरे-धीरे छोटी पूरी के आकार में दबाएं।
  6. कड़ाही में तेल को मध्यम गर्म करें।
  7. पूरी को सावधानी से तेल में डालें और झारे से हल्का दबाएं ताकि वह फूल जाए।
  8. दोनों तरफ सुनहरा होने तक तलें और कागज पर निकाल लें।
  9. बाकी आटे से भी पूरी बनाएं और गर्मागर्म परोसें।

3. सिंघाड़े का चीला

सामग्री: 1 कप सिंघाड़े का आटा, पानी, सेंधा नमक, 1 कटी हुई हरी मिर्च, कटा हुआ हरा धनिया और सेंकने के लिए घी।

विधि:

  1. एक बर्तन में सिंघाड़े के आटे में धीरे-धीरे पानी डालकर चिकना घोल तैयार करें।
  2. सेंधा नमक, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  3. घोल को 5 मिनट के लिए रख दें।
  4. तवा मध्यम आंच पर गर्म करें और थोड़ा घी लगाएं।
  5. एक कलछी घोल तवे पर डालकर पतले गोल आकार में फैलाएं।
  6. किनारों पर थोड़ा घी डालें और लगभग 2 मिनट पकाएं।
  7. सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ 1–2 मिनट पकाएं।
  8. गर्मागर्म परोसें। इसे व्रत की धनिया चटनी के साथ भी खा सकते हैं।

4. सिंघाड़े के आटे के पकौड़े

सामग्री: 1 कप सिंघाड़े का आटा, पतले कटे हुए आलू या कद्दू, सेंधा नमक, जीरा, पानी और तलने के लिए तेल।

विधि:

  1. एक बर्तन में सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक और जीरा मिलाएं।
  2. थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार करें।
  3. कड़ाही में तेल को मध्यम से तेज आंच पर गर्म करें।
  4. सब्जी के हर टुकड़े को घोल में अच्छी तरह लपेटें।
  5. उन्हें सावधानी से गर्म तेल में डालें।
  6. थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पकौड़े तलें और बीच-बीच में पलटते रहें।
  7. लगभग 3–4 मिनट में पकौड़े सुनहरे और कुरकुरे हो जाएंगे। इन्हें झारे से निकालकर कागज पर रखें।
  8. गर्मागर्म व्रत की चटनी के साथ परोसें।

जन्माष्टमी व्रत के लिए कुट्टू की रेसिपी

कुट्टू व्रत में इस्तेमाल होने वाली लोकप्रिय सामग्री है। इससे पेट भरने वाली और स्वादिष्ट कई रेसिपी आसानी से बनाई जा सकती हैं।

1. कुट्टू की पूरी

सामग्री: 1 कप कुट्टू का आटा, 1 उबला और मसला हुआ आलू, सेंधा नमक, एक चुटकी अजवाइन, जरूरत के अनुसार पानी और तलने के लिए तेल।

विधि:

  1. एक बर्तन में कुट्टू का आटा, मसला हुआ आलू, सेंधा नमक और अजवाइन मिलाएं।
  2. थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा तैयार करें। कुट्टू के आटे को ज्यादा न गूंथें।
  3. आटे को गीले कपड़े से ढककर 10 मिनट के लिए रख दें।
  4. छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें तेल लगी प्लास्टिक शीट के बीच रखकर छोटे, थोड़े मोटे आकार में फैलाएं।
  5. कड़ाही में तेल को मध्यम गर्म करें।
  6. पूरी को सावधानी से तेल में डालें और चम्मच से हल्का दबाएं, ताकि वह फूल जाए।
  7. दोनों तरफ सुनहरा होने तक तलें और कागज पर निकाल लें।
  8. बाकी आटे से भी पूरी बनाकर गर्मागर्म परोसें। इसे दही वाले आलू के साथ खाया जा सकता है।

2. कुट्टू का पराठा

सामग्री: 1 कप कुट्टू का आटा, उबला और मसला हुआ आलू, सेंधा नमक और सेंकने के लिए घी।

विधि:

  1. कुट्टू का आटा, मसला हुआ आलू और सेंधा नमक एक बर्तन में मिलाएं।
  2. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर नरम आटा तैयार करें।
  3. आटे को 10 मिनट के लिए रख दें।
  4. आटे की मध्यम आकार की लोइयां बनाएं।
  5. हर लोई को प्लास्टिक शीट के बीच रखकर हाथ से दबाएं या धीरे-धीरे पराठे का आकार दें।
  6. तवा मध्यम आंच पर गर्म करें।
  7. पराठे को सावधानी से तवे पर रखें।
  8. 1–2 मिनट पकाने के बाद पलटें।
  9. एक तरफ घी लगाकर पलटें और दूसरी तरफ भी घी लगाएं।
  10. दोनों तरफ सुनहरे दाग आने तक पकाएं और गर्मागर्म परोसें।

3. कुट्टू के पकौड़े

सामग्री: 1 कप कुट्टू का आटा, कटे हुए आलू या पालक के पत्ते, सेंधा नमक, कुटी हुई काली मिर्च, पानी और तलने के लिए तेल।

विधि:

  1. कुट्टू के आटे में पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार करें।
  2. सेंधा नमक और कुटी हुई काली मिर्च डालकर मिलाएं।
  3. कड़ाही में तेल मध्यम गर्म करें।
  4. आलू के टुकड़ों या पालक के पत्तों को घोल में अच्छी तरह लपेटें।
  5. सावधानी से गर्म तेल में डालें।
  6. 3–4 मिनट तक सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
  7. झारे से निकालकर कागज पर रखें।
  8. गर्मागर्म नाश्ते के रूप में परोसें।

4. कुट्टू का चीला

सामग्री: 1 कप कुट्टू का आटा, दही या पानी, सेंधा नमक, कसा हुआ अदरक, कटा हुआ हरा धनिया और घी।

विधि:

  1. कुट्टू के आटे में दही या पानी मिलाकर चिकना और थोड़ा गाढ़ा घोल तैयार करें।
  2. सेंधा नमक, कसा हुआ अदरक और हरा धनिया डालकर मिलाएं।
  3. घोल को 10 मिनट के लिए रख दें।
  4. तवा मध्यम आंच पर गर्म करें और थोड़ा घी लगाएं।
  5. एक कलछी घोल डालकर धीरे-धीरे गोल आकार में फैलाएं।
  6. किनारों पर थोड़ा घी डालें और 2–3 मिनट पकाएं।
  7. जब नीचे की तरफ सुनहरा हो जाए और चीला पलटने लायक हो जाए, तो इसे पलटें।
  8. दूसरी तरफ भी 1–2 मिनट पकाकर गर्मागर्म परोसें।

जन्माष्टमी व्रत के लिए आसान साबूदाना रेसिपी

साबूदाना व्रत में इस्तेमाल की जाने वाली ऐसी सामग्री है जिससे मीठी और नमकीन, दोनों तरह की रेसिपी बनाई जा सकती हैं। नीचे जन्माष्टमी व्रत के लिए कुछ लोकप्रिय साबूदाना रेसिपी दी गई हैं।

1. साबूदाना खिचड़ी

सामग्री: 1 कप भिगोया हुआ साबूदाना, 2 उबले और कटे हुए आलू, ½ कप भुनी और कुटी मूंगफली, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1–2 कटी हुई हरी मिर्च, कुछ करी पत्ते, 2–3 बड़े चम्मच घी, सेंधा नमक, नींबू का रस और कटा हुआ हरा धनिया।

विधि:

  1. भिगोए हुए साबूदाने को उंगलियों के बीच दबाकर देखें। अगर दाना आसानी से दब जाता है और थोड़ा पारदर्शी दिखाई देता है, तो वह तैयार है। अगर ऐसा न हो, तो कुछ देर और भिगोएँ।
  2. कड़ाही में मध्यम आंच पर घी गर्म करें।
  3. जीरा डालकर चटकने दें।
  4. करी पत्ते और हरी मिर्च डालकर लगभग 30 सेकंड भूनें।
  5. उबले हुए आलू डालकर लगभग 2 मिनट भूनें।
  6. आंच धीमी करें और साबूदाना तथा भुनी हुई कुटी मूंगफली डालें।
  7. सेंधा नमक डालकर हल्के हाथ से मिलाएं। साबूदाने को ज्यादा चलाने से वह चिपचिपा हो सकता है।
  8. ढककर धीमी आंच पर 4–5 मिनट पकाएं और बीच में एक-दो बार हल्के हाथ से चलाएं।
  9. जब साबूदाने के दाने पूरी तरह पारदर्शी हो जाएँ, तो आंच बंद कर दें। नींबू का रस डालकर मिलाएं।
  10. हरे धनिए से सजाकर गर्मागर्म परोसें।

2. साबूदाना वड़ा

सामग्री: 1 कप भिगोया हुआ साबूदाना, 1 उबला और मसला हुआ आलू, ½ कप भुनी और कुटी मूंगफली, कटी हुई हरी मिर्च, कसा हुआ अदरक, कटा हुआ हरा धनिया, सेंधा नमक और तलने के लिए तेल।

विधि:

  1. एक बर्तन में साबूदाना, मसला हुआ आलू, कुटी हुई मूंगफली, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और सेंधा नमक डालें।
  2. सभी सामग्री को मिलाकर अच्छी तरह मसलें, ताकि मिश्रण आसानी से आकार ले सके।
  3. मिश्रण को बराबर हिस्सों में बांटकर चपटे गोल वड़े बनाएं।
  4. कड़ाही में तेल को मध्यम आंच पर गर्म करें।
  5. वड़ों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सावधानी से तेल में डालें।
  6. नीचे की सतह सुनहरी और कुरकुरी होने तक लगभग 3 मिनट तलें।
  7. पलटकर दूसरी तरफ भी सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
  8. वड़ों को कागज पर निकाल लें।
  9. व्रत के दही या चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें।

3. साबूदाना खीर

सामग्री: ¼ कप साबूदाना, 2 कप दूध, स्वादानुसार चीनी या गुड़, ¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, कटे हुए मेवे और कुछ केसर के धागे।

विधि:

  1. साबूदाने को इतना पानी डालकर लगभग 30 मिनट भिगोएँ कि वह ढक जाए।
  2. साबूदाने का पानी निकालकर अलग रखें।
  3. मोटे तले वाले बर्तन में दूध को धीमी आंच पर उबालें।
  4. इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालें।
  5. धीमी आंच पर 12–15 मिनट पकाएं और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वह नीचे न चिपके।
  6. जब साबूदाना नरम और पारदर्शी हो जाए और दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो चीनी या गुड़ और इलायची पाउडर डालें।
  7. 3–4 मिनट और पकाएं।
  8. केसर डालना हो तो उसे एक बड़े चम्मच गुनगुने दूध में भिगोकर खीर में मिलाएं।
  9. आंच बंद करें, ऊपर से कटे हुए मेवे डालें और गर्म या ठंडा परोसें।

4. साबूदाना टिक्की

सामग्री: 1 कप भिगोया हुआ साबूदाना, 1 उबला और मसला हुआ आलू, भुनी हुई मूंगफली का पाउडर, कटी हुई हरी मिर्च, सेंधा नमक, कटा हुआ हरा धनिया और सेंकने के लिए घी।

विधि:

  1. एक बर्तन में साबूदाना, आलू, मूंगफली का पाउडर, हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरा धनिया डालें।
  2. सभी सामग्री को अच्छी तरह मसलकर मिलाएं, ताकि मिश्रण एक साथ जुड़ा रहे।
  3. बराबर हिस्से बनाकर छोटी गोल या अंडाकार टिक्कियां तैयार करें।
  4. तवा मध्यम आंच पर गर्म करें और थोड़ा घी डालें।
  5. टिक्कियों को तवे से थोड़ी दूरी पर रखें।
  6. एक तरफ 3–4 मिनट तक सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं।
  7. धीरे से पलटें और जरूरत हो तो थोड़ा और घी डालकर दूसरी तरफ भी 3–4 मिनट पकाएं।
  8. धनिया या मूंगफली की चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें।

निष्कर्ष

जन्माष्टमी व्रत को आप कुट्टू, सिंघाड़े और साबूदाने से बनी अलग-अलग रेसिपी के साथ स्वादिष्ट और आसान बना सकते हैं। पूरी, पराठा और चीला जैसी नमकीन रेसिपी के साथ हलवा और खीर जैसी मीठी रेसिपी भी व्रत के लिए बनाई जा सकती हैं।

व्रत केवल भोजन से परहेज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भगवान श्री कृष्ण के नाम-जप, सेवा, कीर्तन और भक्ति में समय बिताने का अवसर भी है। इसलिए अपनी व्रत की परंपरा और क्षमता के अनुसार रेसिपी चुनें, सात्त्विक भोजन तैयार करें और उसे पहले भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

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